वज्रासन के आश्चर्यजनक फायदे और करने की विधि!!

अत्यधिक भरी भोजन करने के तुरन्त बाद सोने अथवा बैठकर टीवी देखने से हमें पाचन से संबंधित परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए आज हम आपको एक ऐसे योग आसान के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसको करने से आप पाचन तथा अनेकों  अन्य रोगों से बच सकते हैं। यदि आप प्रतिदिन खाने के पश्चात अन्य कार्य की जगह बजाय वज्रासन को अपनी दिनचर्या में शामिल करेंगे तो अवश्य ही आप पाचन से संबंधित परेशानियों से दूर रहेंगे। वज्रासन को आप दिन में कभी भी कर सकते हैं लेकिन यह अकेला ऐसा आसन है जो खाने के तुरंत बाद यह आसन बहुत अधिक प्रभावी होता है। यह न सिर्फ पाचन की प्रक्रिया ठीक रखता है बल्कि लोवर बैकपेन से भी आराम दिलाता है।

चलिए जानते हैं इस योगासन के बारे में!!

करने की विधि:-

  • भोजन करने के 5 मिनिट बाद एक समान, सपाट और स्वच्छ जगह पर कम्बल या अन्य कोई आसन बिछाए।
  • दोनों पैर सामने की तरफ फैलाकर बैठ जाए।
  • इसके बाद बाए (Left) पैर का घुटने को मोड़कर इस तरह बैठे के पैरो के पंजे पीछे और ऊपर की और हो जाए।
  • अब दाए (Right) पैर का घुटना भी मोड़कर इस तरह बैठे के पैरो के पंजे पीछे और ऊपर की और हो जाए और नितम्ब (Hips) दोनों एड़ियों (Ankle) के बीच आ जाए।
  • दोनों पैर के अंगूठे (Great Toe) एक दूसरे से मिलाकर रखे।दोनों एड़ियो में अंतर बनाकर रखे और शरीर को सीधा रखे।
  • अपने दोनों हाथो को घुटने पर रखे और धीरे-धीरे शरीर को ढीला छोड़े।
  • आँखे बंद कर रखे और धीरे-धीरे लम्बी गहरी साँसे ले और छोड़े।
  • इस आसन को आप जब तक आरामदायक महसूस करे तब तक कर सकते हैं।
  • शुरुआत में केवल 2 से 5 मिनिट तक ही करे।

सावधानियाँ:-

  • अगर वज्रासन करने पर आपको कमर दर्द, कमजोरी या चक्कर आने जैसे कोई समस्या हो तो आसन बंद कर अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले।
  • एड़ी के रोग से पीड़ित व्यक्ति वज्रासन न करे।
  • जोड़ो में दर्द से पीड़ित व्यक्ति वज्रासन न करे।

वज्रासन के लाभ:-

  • इस आसन को नियमित करने से घुटनो में दर्द, गठिया होने से बचा जा सकता हैं।
  • अपचन, गैस, कब्ज इत्यादि विकारो को दूर करता हैं और पाचन शक्ति बढ़ाता हैं।
  • महिलाओं में मासिक धर्म की अनियमितता दूर होती हैं।
  • रीढ़ की हड्डी मजबूत होती हैं और मन की चंचलता को दूर कर एकाग्रता बढ़ाता हैं।
  • दिन-प्रतिदिन शक्ति का संचार होता है इसलिए शारीरिक बल में खूब वृद्धि होती है।
  • यह प्रजनन प्रणाली को सशक्त बनाता हैं।
  • आँखों की ज्योति तेज होती है।
  • सायटिका से पीड़ित व्यक्तिओ में लाभकर हैं।
  • वज्रासन से नितम्ब, कमर और जांघ पर जमी हुई अनचाही चर्बी कम हो जाती हैं और उच्च रक्तचाप कम होता हैं।
  • शरीर को सुडौल बनाए रखता है और वजन कम करने में मददगार हैं।
  • पैरो के मांसपेशियों से जुडी समस्याओ में यह आसन मददगार हैं।
  • इस आसान में धीरे-धीरे लम्बी गहरी साँसे लेने से फेफड़े मजबूत होते हैं।
  • शुक्रदोष, वीर्यदोष, घुटनों का दर्द आदि का नाश होता है।

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