कोलेस्ट्राल, कैंसर और अन्य बिमारियों के लिए दो बूंद!!

आजकल के दौर में अधिकतर लोग बढ़ते हुए कोलेस्ट्रॉल तथा इस से संबंधित हाइपरटेंशन, सीने में दर्द, हार्ट अटैक इत्यादि जैसे रोगों से पीड़ित हैं। इसलिए अपने शरीर में कोलेस्ट्रॉल को हमेशा नियंत्रित रखना चाहिए। प्रतिदिन किए जाने वाले व्यायाम तथा संतुलित आहार से काफी हद तक कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित किया जा सकता है। इसके अलावा आप लेमनग्रास ऑयल के सेवन से भी अपने बढ़ते कोलेस्ट्रॉल लेवल को कंट्रोल में रख सकते हैं। इसलिए आज हम आपको एक ऐसे घरेलू उपाय के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसको करने से आप बहुत सी परेशानियों से छुटकारा पा सकेंगे।

चलिए जानते हैं इस उपाय के बारे में!!

आवश्यक सामग्री:-

  • लेमनग्रास एसेंशियल ऑयल

प्रयोग करने की विधि:-

  • लेमनग्रास एसेंशियल ऑयल की सिर्फ 2 बूंदें ही इससे मिलने वाले फायदों के लिये पर्याप्त हैं।
  • एक गिलास गर्म पानी में 2 बूँद लेमनग्रासऑयल डालकर इसे सुबह नाश्ते के साथ लें।
  • आप इसे अपनी मसाला चाय के साथ भी ले सकते हैं।
  • एंटीऑक्‍सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेंटरी, एंटी-सेप्टिक और विटामिन सी जैसे औष‍धीय गुणों से भरपूर लेमनग्रास कई रोगों से लड़ने की क्षमता होती है।
  • यह शरीर से विषाक्त पदार्थो को नष्ट करता है और शरीर को स्वच्छ करने में मदद करता है।

इस उपाय के स्वास्थ्य लाभ:-

1. कैंसर>>

नींबू घास में कैंसर सहित कई बीमारियों से छुटकारा दिलाने वाले गुण होते है। इसमें अद्भुत एंटी-ऑक्सीडेंट गुण होते है। जिसके कारण मानव शरीर में कई गंभीर रोगों के लिए जिम्मेदार अणुओं के स्वरूप में परिवर्तन लाकर उन्हें न सिर्फ स्थिर किया जाता है बल्कि कुछ मामलों में यह रोगाणुओं को अपने में समाहित भी कर लेती है।
पेट संबंधी बीमारियों का करें इलाज

लेमनग्रास में एंटी-ऑक्सीडेंट गुणों के कारण इसमें बुखार, पेट संबंधी बीमारियों और अर्थराइटिस समेत विभिन्न बीमारियों के अणुओं के घातक स्वरूप को परिवर्तित करने और निष्क्रिय करने की क्षमता विद्यमान होती है। यह फ्री रेडिकल को अपने में समाहित कर स्थिर कर देता है। अपच, कब्ज, दस्त, पेट की सूजन, पेट फूलना, पेट में ऐंठन, उल्टी और ऐंठन इस प्रकार की तरह पाचन संबंधी समस्याओं में सुधार के लिए सहायता करते है।
बच्‍चों की एडीएचडी समस्‍या में भी है फायदेमंद

1998 में हुए एक अध्‍ययन के अनुसार, एडीएचडी से पी‍डि़त बच्‍चों को नींद आसानी से नहीं आती। ऐसे बच्‍चों के लिए लेमन ग्रास से बनी हर्बल टी काफी फायदेमंद होती है। इसमें मौजूद पुदीना, कैमोमाइल या लेमन ग्रास और अन्य ऐसी ही जड़ी-बूटियां अति सक्रिय मांसपेशियों को शांत करने में मदद करती हैं।
एंटी इंफ्लेमेंटरी और एंटी-सेप्टिक गुणों से भरपूर

एंटी इंफ्लेमेंटरी और एंटी सेप्टिक गुणों के कारण, लेमनग्रास अर्थराइटिस, गाउट और मूथ पथ की सूजन के इलाज के लिए एक मूल्‍यवान सहायता के रूप में इस्‍तेमाल किया जा सकता है। इसलिए अगर आप इन समस्‍याएं से परेशान हो तो नियमित रूप से लेमनग्रास के जूस या इससे बनी हर्बल चाय का सेवन करें।
विषैले तत्‍वों को दूर करें

लेमनग्रास में मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट, एंटीसेप्टिक और मूत्रवर्धक गुणों के कारण यह शरीर के विषैले तत्‍वों को दूर करने वाला एक महत्‍वपूर्ण घटक है। यह लीवर, किडनी, ब्‍लैडर और अग्‍न्‍याशय को साफ करने और रक्‍त परिसंचरण को बढ़ाने में मदद करता है। और मूत्रवर्धक प्रभाव के कारण यह विषाक्त पदार्थों को बाहर ले जाने में मदद करता है।

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