जानिए कैसे करें बांझपन को दूर और गर्भ धारण ?

बाँझपन की वजह से महिलाओं को बहुत कुछ सहन करना पड़ता है। जिस कारण वह सदैव मानसिक रूप से दुखी तथा हीन भावना से ग्रस्त रहती है। कई तो इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए लाखों रूपए की दवाईयां तथा उपचार करवा लेते हैं। परन्तु फिर भी उन्हें औलाद के सुख से वंचित रहना पड़ता है। परन्तु आपको निराश होने की कोई आवश्यकता नहीं। क्योंकि हमारे हज़ारों वर्ष पुराने आयुर्वेद में इस रोग का उपचार संभव है। इसलिए आज हम आपको ऐसे उपाय के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपको बांझपन जैसी समस्या से छुटकारा दिला कर संतान का सुख देगा।

चलिए जानते हैं इन उपायों के बारे में !

आवश्यक सामग्री:-

  • पुराना गुड़ – 6 ग्राम
  • जायफल – 1 ग्राम
  • भांग के पत्ते – 250 मिलीग्राम
  • कस्तूरी – 2 रत्ती
  • अफीम – 1 ग्राम
  • केसर – 1 ग्राम
  • सफेद कत्था – 6 ग्राम
  • लौंग – 4 नग
  • सुपारी गुजराती – 3 नग

बनाने की विधि:-

  • ऊपर बताई गई सारी सामग्री को कूटकर छान लें।
  • छानकर इनसे जंगली बेर के आकर की 10 गोलियां तैयार कर लें।

सेवन की विधि :-

  • महिला को मासिकधर्म के बाद सुबह तथा शाम 1-1 गोली 5 दिनों तक खिलाएं।
  • इस प्रयोग के उपयोग से 40-50 वर्ष की स्त्री(जिसे मासिक आ रहा हो) को भी बांझपन के रोग से छुटकारा मिल जाएगा और गर्भ ठहर जाएगा।
  • अगर पहले महीने में प्रयोग के उपयोग से गर्भधारण ना हो, तो इस प्रयोग को गर्भ ठहरने तक दूसरे अथवा तीसरे महीने भी कर सकते हैं।
  • यदि फिर भी गर्भ न ठहरे तो उपाय 2 का प्रयोग करें।

उपाय:- 2

  • 9 नग मोर के पंख के बीच वाले गहरे नील भाग को लेकर गरम तवे पर भून लें।
  • अब इसे बारीक पीस लें तथा पुराने गुड़ में अच्छे से मिला कर 9 गोलियां बना लें।
  • मासिक धर्म आने के दिनों में 9 दिनों तक रोज़ाना देसी गाय के दूध के साथ 1 गोली का प्रातः सूर्योदय से पहले सेवन करें।
  • इसके बाद पति-पत्नी सहवास करें, तो इससे अवश्य ही गर्भ ठहर जाएगा।
  • यदि यह प्रयोग प्रथम महीने में असफल रहे, तो दुबार दूसरे अथवा तीसरे महीने में दोहराएं।

डॉक्टर से दवाई मंगवाने के लिए 9041 715 715 नंबर पर कॉल करें।

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