एलर्जी के रोगियों के लिए विशेष सावधानियां

एलर्जी के रोगियों को दवा से ज़्यादा कुछ सावधानियों पर ध्यान देना चाहिए। यह सावधानियां आपके लिए दवाई से भी अधिक लाभकारी हैं। तो चलिए जानते हैं इन विशेष स्वधानियों के बारे में:-

  1. अपनी रोज़मर्रा में खाई जाने वाली चीज़ों की सूची तैयार कर लें। रोज़ाना यह देखें कि आपके शरीर में एलर्जी के लक्षण कौन सी वास्तु को खाने के पश्चात दिखने लगते हैं। आप सूची में उस खास चीज के नाम के आगे x का निशान लगा दें और वह चीज खाना बंद कर दें।
  2. जिस किसी भी चीज़ से आपकी चमड़ी पर एलर्जी होती हो, उस चीज़ को नोट कर लें तथा उसका उपयोग करना बंद कर दें।
  3. यदि आपका घर सड़क के नज़दीक है, तो आपको बाहर से धूल व मिट्टी को घर के प्रवेश करने से रोकने के लिए दरवाज़े तथा खिड़कियों को ज़्यादातर हो सके बंद ही रखें। अपने घर की खिड़कियों पर कांच के साथ बारीक जाली का भी उपयोग करें।
  4. कईं लोगों को फर वाले जानवरों से भी एलर्जी होती है, ऐसी स्थिति में फर वाले जानवरों से दूरी बनाए रखना आवश्यक है।
  5. एलर्जी फैलाने को वाले तत्व कपड़ों तथा बिस्तर में सबसे ज़्यादा होते हैं। इसलिए नियमित तौर पर गर्म पानी में कपड़ों को धोएं तथा धूप में अच्छी तरह से सुखाएं।
  6. रोज़ाना घर की अच्छी तरह से साफ़-सफाई ज़रूर करें। इसके लिए वैक्यूम क्लीनर का प्रयोग करना अधिक बेहतर होगा। क्योंकि वैक्यूम क्लीनर घर के उन हिस्सों में भी साफ़-सफाई करता है, जहां सामान्य रूप से हमारे हाथ या अन्य सफाई उपकरण नहीं पहुंच पाते।
  7. धूम्रपान(स्मोकिंग) आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को घटाती है, इसलिए हमेशा धूम्रपान से दूर रहें।
  8. स्कूटर या मोटरसाईकल का उपयगो करते समय चेहरे पर मास्क ज़रूर पहनें। ऐसा करने से आप ना केवल धूल तथा मिट्टी से बचे रहेंगे, बल्कि साथ ही आपका चेहरा भी साफ व सुरक्षित रहेगा।
  9. यदि आपके घर की दीवारों पर फंगस हो रही हो तो, उसको ब्लीच के साथ साफ करें।
  10. कुछ लोगों को फूलों की खुशबू से भी एलर्जी हो जाती है, इसलिए जिन पर फूल खिलते हों ऐसे पौधों को अपने कमरे में न लगाएं।
  11. अपने शरीर की साफ़-सफाई का भी पूरा ध्यान रखें। रोगी त्वचा अधिक संवेदनशील होने पर अपने अंतर्वस्त्र(अंडरगारमेंट) को रोज़ना सुबह व शाम को बदलें।
  12. यदि सिगरेट के धुएं से आपके इर्द गिर्द किसी अन्य को एलर्जी होती है, तो उसके निकट धूम्रपान भी न करें।
  13. घड़ियों के अथवा कमर के पट्टे, चमड़े के पर्स आदि भी एलर्जी का कारण हो सकते हैं। कुछ लोगों को नकली गहने(आर्टिफिशियल ज्वेलरी) से त्वचा पर एलर्जी होने लगती है।
  14. शरीर में चमड़ी के जिस भी हिस्से पर एलर्जी होती हो, उस हिस्से पर किसी भी प्रकार के कास्मेटिक का उपयोग न करें।
  15. कुछ लोगों को किसी ख़ास चीज़ के संपर्क में आते ही एलर्जी होने लगती है, ऐसे लोगों की त्वचा बहुत ज़्यादा संवेदनशील होती है। कुछ लोगों को किसी अन्य व्यक्ति की वास्तु का उपयोग करने से भी एलर्जी हो जाती है। जैसे: दूसरों के पहने कपडे, टॉवेल, बिस्तर आदि। ऐसे लोगों को खास ध्यान रखना चाहिए।

इन उपायों को अपना कर आप एलर्जी को कम कर सकते है लेकिन अगर आपकी परेशानी थोडी गंभीर है तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।

डॉक्टर से दवाई मंगवाने के लिए 9041 715 715 नंबर पर कॉल करें।

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