पादपश्चिमोत्तानासन: लम्बाई बढ़ाने में सहायक!!

आज के दौर में हर आदमी चाहता है की उसकी लम्बाई अच्छी हो। स्त्री हो या पुरुष, अच्छी हाइट दोनो की सुंदरता और व्यक्तित्व में निखार लाती है। क्योंकि लम्बाई जीन्स पर निर्भर करती है, इसलिए कुछ लोग सोचते हैं कि लम्बाई बढ़ा पाना मुमकिन नहीं होता। लेकिन आपको यह जानकर खुशी होगी कि कुछ ऐसे प्रकृतिक तरीके हैं जिनको अपनाकर आप अपनी लम्बाई बढ़ा सकते हैं। इसलिए आज हम आपको एक ऐसे योग आसान के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसको करना अपनी लम्बाई बढ़ाने तथा लम्बा कद पाने का सबसे सरल उपाय है।

चलिए जानते हैं इस योगासन के बारे में!!

पादपश्चिमोत्तानासन या उग्रासन:-

पादपश्चिमोत्तानासन या उग्रासन एक ही आसन के नाम हैं। यह बदहजमी, कब्ज जैसे पेट के सभी रोग, कफ गिरना, सर्दी-जुकाम, कमर का दर्द, हिचकी, पाण्डुरोग(पीलिया), पेशाब की बीमारियाँ, सफेद कोढ़, वीर्य-विकार, नलों की सुजन, स्वप्नदोष, साईटिका, मोटापा, अपेन्डिक्स, अनिद्रा, दमा, खट्टी ड्कारें, ज्ञानतंतुओं की कमजोरी, गर्भाशय के रोग, मासिकधर्म की अनियमितता व अन्य तकलीफें, नपुंसकता, रक्त-विकार, ठिंगनापन व अन्य कई प्रकार के रोगों के लिए रामबाण है।

आसन करने की विधि:-

  • जमीन पर आसन बिछाकर दोनों पैर सीधे करके बैठ जाएं।
  • फिर दोनों हाथों से पैरों के अगूँठे पकड़कर झुकते हुए सिर को दोनों घुटनों से मिलाने का प्रयास करें।
  • घुटने जमीन पर सीधे रहें।
  • प्रारंभ में घुटने जमीन पर न टिकें तो कोई हर्ज नहीं।
  • निरंतर अभ्यास से यह आसन सिद्ध हो जाएगा।
  • इस आसन से शरीर का कद लम्बा होता है।
  • यदि शरीर में मोटापन है तो वह दूर होता है तथा यदि दुबलापन है, तो वह दूर होकर शरीर सुडौल, तन्दुरुस्त अवस्था में आ जाता है।
  • ब्रह्मचर्य पालनेवालों के लिए यह आसन भगवान शिव का प्रसाद है।
  • इसका प्रचार पहले शिवजी ने और बाद में जोगी गोरखनाथ ने किया था।

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